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Rohit Sharma: कहानी भारतीय क्रिकेट के हिटमैन की

भारत और न्यूजीलैंड का सामना-

20 जून 2018, वो पहला दिन जब वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की रूपरेखा को पहली बार आईसीसी के द्वारा विश्व के सामने रखा गया। बीते इन 4 सालों में भारत समेत नौ टीमों ने क्रिकेट के इस सबसे कठिन प्रारूप में अपने अपने पराक्रम का प्रदर्शन विश्व क्रिकेट पटल पर किया। क्रिकेट जगत में चले इन 4 सालों के संघर्ष का निष्कर्ष यह रहा कि, 18 जून से 22 जून तक इंग्लैंड के साउथहैंपटन में,WTC table topper न्यूजीलैंड का सामना, भारत से होना है। दोनों ही टीमों के दिग्गज खिलाड़ियों पर पूरे विश्व की नजरें लगी हुई है, और ऐसे में बात करें अगर भारत की तो सबसे ज्यादा यदि कोई चर्चा का विषय है तो वह है Rohit Sharma पर एक अच्छी शुरुआती पारी का दारोमदार।

India Vs New Zealand

जहां एक ओर भारत समेत पूरे विश्व क्रिकेट जगत की नजर रोहित शर्मा के WTC में, बैटिंग परफॉर्मेंस के ऊपर टिकी हुई है, आज आपके सामने रोहित शर्मा के क्रिकेट की कहानी, शुरुआत से वर्तमान तक साझा करने जा रहे हैं।

रोहित शर्मा का शुरुआती संघर्ष भरा जीवन-

दोस्तों रोहित शर्मा का जन्म 30 अप्रैल सन 1987 को Bansod नागपुर महाराष्ट्र में हुआ। रोहित शर्मा का बचपन कुछ ऐसे हालातों में गुज़रा जहां ना तो उन्हें मां की ममता नसीब हुई और ना ही पिता का प्यार, और इसकी वजह थी रोहित शर्मा के माता पिता के पास पैसों की कमी। रोहित शर्मा के पिता ना तो अपने दोनों बेटों का पढ़ाई का खर्च उठा सकते थे और ना ही  उनके पालन पोषण का।

Rohit Sharma

।यही वजह रही कि रोहित शर्मा का बचपन अपने दादा दादी के पास गुज़रा। दादा दादी के पास रहते हुए ही रोहित शर्मा ने अपनी शुरुआती शिक्षा जारी रखी।

कब रखा क्रिकेट की दुनिया में पहला कदम ?

रोहित शर्मा के अंदर छिपी क्रिकेट की प्राकृतिक क्षमता को पहली बार रोहित के चाचा ने पहचाना, और रोहित की क्रिकेटिंग कला से प्रभावित होकर उनके चाचा ने अपने पैसों से साल 1999 में रोहित शर्मा का दाखिला एक क्रिकेट एकेडमी में करवा दिया। साल 2005 की ही देवधर ट्रॉफी में, रोहित शर्मा के बल्ले ने  घरेलू क्रिकेट में पहली बार अपनी पहचान मुकम्मल की।

जहां नॉर्थ जोन के खिलाफ खेलते हुए शर्मा जी ने 123 गेंदों पर धमाकेदार अंदाज से 142 रन जड़ डाले।

देवधर ट्रॉफी में किए गए अपने इस कमाल कारनामे के चलते रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया में होने वाले इंडिया ए टूर में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हालांकि यहां उन्हें एक भी मैच में अंतिम 11 में शामिल नहीं किया गया।

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अगर बात करें रोहित के प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर की तो प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रोहित का डेब्यू जुलाई 2006 में न्यूजीलैंड के खिलाफ डार्विन में हुआ, यहां खेले गए अपने पहले मैच में रोहित शर्मा ने अपने बल्ले से 22 गेंदों पर 57 रन की धमाकेदार शुरुआत से पारी का आगाज किया इसके चलते बाद में यह मैच इंडिया ने 3 विकेट से अपने नाम कर लिया था।

साल 2006-7 सीजन में रोहित शर्मा का रणजी मैच में डेब्यू भी हुआ, जहां उन्होंने अपने द्वारा खेले गए पहले ही मैच में मुंबई की तरफ से गुजरात के खिलाफ दोहरा शतक ठोक डाला। रणजी करियर में अपने पहले ही मैच में दोहरा शतक लगाकर रोहित शर्मा मुंबई की ओर से एक चिर परिचित चेहरा बन गए। इस पूरे सीजन में रोहित शर्मा की कमाल बैटिंग का सिलसिला जारी रहा और बाद में यह सीजन मुंबई ने अपने नाम किया।

Rohit Sharma Father and Mother

रोहित शर्मा को घरेलू क्रिकेट में किए गए अपने प्रदर्शन का प्रतिफल साल 2007 के फ्यूचर कप में दिया गया, जहां उन्हें आयरलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैदान पर भारत की नीली जर्सी में एकदिवसीय मैच खेलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। हालांकि इस मैच में रोहित शर्मा को बैटिंग का मौका नहीं मिला क्योंकि रोहित सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले थे और भारत ने यह मैच 9 विक्टो से ही अपने नाम कर लिया था।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा की उपलब्धियां-

वही टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में रोहित शर्मा का डेब्यू विश्व क्रिकेट में पहली बार आयोजित आईसीसी t20 वर्ल्ड कप में हुआ था। इस टूर्नामेंट में रोहित शर्मा ने फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 16 गेंदों पर नाबाद 30 रन मारकर अपनी उपस्थिति को पूरे विश्व क्रिकेट के सामने दर्ज करवाया था।

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 रोहित शर्मा द्वारा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्जित की गई अभी तक की उपलब्धियां उन्हें भारतीय दिग्गज खिलाड़ियों की फेहरिस्त में शुमार करती है। अगर हिटमैन के अंतरराष्ट्रीय करियर से जुड़ी कुछ उपलब्धियां आपके सामने रखी जाए तो उनमें से सर्वप्रथम तो यही उपलब्धि जुड़ती है कि सुनील गावस्कर और सचिन तेंदुलकर जैसे ऑल टाइम ग्रेटेस्ट प्लेयर्स के होम टाउन से निकलकर क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाना दोस्तों यह भी रोहित शर्मा के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं है।

टी 20 में रोहित शर्मा का पहला शतक-

 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा के नाम दूसरी उपलब्धि जुड़ती है 2 अक्टूबर 2015 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक t20 मैच से, जहां रोहित शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में अपना पहला शतक जड़कर भारत की ओर से तीनों प्रारूपों में शतक मारने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरा स्थान अपने नाम कर लिया था।

 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा के नाम तीसरी बड़ी उपलब्धि जुड़ती है उनका भारत की ओर से 100वाॅ t20 मैच खेलना। जी हां दोस्तों भारत की ओर से रोहित शर्मा ही पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने भारत की ओर से 100 t20 मैचों में अपना प्रतिनिधित्व किया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रोहित शर्मा द्वारा अर्जित की गई अगली उपलब्धि जुड़ती है

साल 2019 के वर्ल्ड कप टूर्नामेंट से। जहां रोहित शर्मा 5 शतक लगाकर भारत की ओर से वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले खिलाड़ी बन गए थे। साल 2019 के वर्ल्ड कप में जहां टीम इंडिया का कारवां सेमीफाइनल तक ही सीमित होकर रह गया था वहां रोहित शर्मा 648 रन बनाकर पूरे टूर्नामेंट के लीडिंग रन स्कोरर रहे थे और इस कारनामे के लिए रोहित शर्मा को गोल्डन बैट से भी नवाजा गया था।

Rohit Sharma
Rohit Sharma With Golden Bat

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से जुड़ी पांचवी उपलब्धि रोहित शर्मा के लिए वह है जिसने क्रिकेट में उनका नाम हिटमैन के रूप में प्रचलित कर दिया। सीमित ओवरों में रोहित शर्मा के नाम सबसे ज्यादा तीन दोहरे शतक है जो कि उन्हें सामान्य खिलाड़ियों की भीड़ से बिल्कुल अलग कर देते हैं। साल 2014 में रोहित शर्मा द्वारा 264 लंका इंडिविजुअल स्कोर भी अभी तक इंटरनेशनल क्रिकेट में एक रिकॉर्ड की भांति कायम बना हुआ है।

IPL में रोहित शर्मा का सफर-

 अब अगर हम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा रोहित शर्मा के आईपीएल करियर की बात करें तो वह भी किसी उपलब्धियों के ख़ज़ाने से कम नहीं है। रोहित शर्मा ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत साल 2008 में डेक्कन चार्जर्स के साथ खेलते हुए की और 2011 के ऑप्शन में मुंबई इंडियंस ने रोहित शर्मा को अपने साथ एसोसिएट कर लिया जिसका  निष्कर्ष यह रहा कि मुंबई इंडियंस आज 5 आईपीएल trophies के साथ आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजी बनी हुई है।

 रोहित शर्मा ने अपने हुनर से क्रिकेट के हर प्रारूप में अपना जलवा बिखेरा, सीमित ओवरों में तो रोहित शर्मा भारत की ओर से दिग्गज खिलाड़ी है हीं साथ ही टेस्ट मैच में भी उन्होंने अपनी संतुलित व सूझबूझ से भरी क्रिकेटिंग कला को दुनिया के सामने कई बार पेश किया।

 टेस्ट क्रिकेट में रोहित शर्मा का डेब्यू साल 2013 की उस वेस्टइंडीज सीरीज में हुआ था जो कि क्रिकेट के भगवान है या नहीं सचिन तेंदुलकर की आखिरी सीरीज थी। अपने टेस्ट डेब्यू में रोहित शर्मा ने 177 रन अपने खाते में जुड़े थे और डेब्यू से लेकर अभी तक रोहित शर्मा अपने टेस्ट कैरियर में 38 मैच खेल चुके हैं जिनमें उनके रन 46.6 9 की औसत से 2615 है। टेस्ट क्रिकेट में एक दोहरा शतक भी रोहित शर्मा के नाम शामिल है

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 विश्व क्रिकेट के हर प्रारूप में, धुरंधरों के छक्के छुड़ाने वाले रोहित शर्मा! वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भी अपने बल्ले से रनों की बारिश करें, करोड़ों भारतीयों की तरह हमारी भी ऐसी ही उम्मीद है हिटमैन से जुड़ी हुई है, और इस टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत की ओर से यदि रोहित शर्मा का बल्ला चलता है तो 8 साल से आई सी सी ट्रॉफीज का सूखा खत्म होना , भारतीय क्रिकेट में लगभग तय हो जाता है

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