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अजीबो-गरीब बैटिंग स्टाइल वाले बल्लेबाज

क्रिकेट उन चुनिंदा खेलों में से एक है, जो जितना महंगा है उतना ही सस्ता भी है। जहाँ एक तरफ क्रिकेट खेलने के लिए एक लाख रुपए की किट भी कम है।

तो, दूसरी तरफ़ यही क्रिकेट कपड़े धोने वाली थपकी से भी गलियों में खेला जा-सकता है।

अपनी ज़िन्दगी के शुरुआती दिनों में खिलाड़ी जब क्रिकेट के मैदान में उतरता है। तो, उसके दिमाग़ में बस एक बात रहती है। कि, वो बस ज़्यादा देर तक बल्लेबाज़ी कर पाये। जब क्रिकेट का शौक जूनून में बदलता है।

तो, वो बल्लेबाज़ी की उन तकनीकों से परिचित होता है जो उसे अच्छा बल्लेबाज़ बनाने में सक्षम होती हैं।

बल्लेबाज़ी सीखते समय शॉट खेलने के तरीके से भी पहले खिलाड़ी को उसके बैटिंग स्टाइल के हिसाब से स्टांस लेने को कहा जाता है।

क्योंकि, बैटिंग स्टांस ही तय करता है कि बल्लेबाज़ वक़्त रहते बॉल तक पहुँच पायेगा या नहीं , शॉट के अनुसार नियमित ताक़त झोंक पायेगा या नहीं।

इसलिये, स्टांस को ही प्रभावी बल्लेबाज़ी का पहला क़दम गिना जाता है।

      हर बल्लेबाज़ की क्षमता के अनुसार उसका अपना ही बल्लेबाज़ी स्टाइल और स्टांस होता है। लेकिन दोस्तों, क्रिकेट के क़रीब डेढ़ सौ साल पुराने इतिहास में बहुत से ऐसे खिलाड़ी रहे हैं।

जिन्होंने परम्परागत स्टांस को वरीयता ना देते हुए अपने ही अंदाज़ में बल्लेबाज़ी की।

अनोखे स्टांस के साथ बल्लेबाज़ी करने वाले बल्लेबाज़ों में कुछ अपने स्कूल के दिनों से ही अनोखे स्टांस से बल्लेबाज़ी करते रहे, जो आगे चलकर उनका व्यावाहरिक बैटिंग स्टांस बन गया।

तो, कुछ बल्लेबाज़ों ने विरोधी गेंदबाज़, पिच और मैदान के अनुसार अपने स्टांस में बदलाव किया।

तो, चलिए दोस्तों आपको मिलवाते है 5 ऐसे अंतरर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों से जिनके अजीबो-गरीब बल्लेबाज़ी स्टांस ने क्रिकेट प्रशंसकों से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों तक सभी को हैरान कर दिया।

दोस्तों इस लिस्ट में नंबर पाँच पर आते है

इजाज़ अहमद (पाकिस्तान)

      क्रिकेट के शुरुआती गुणों को बताते वक़्त कोच उस बल्लेबाज़ के स्टांस को सही बताते हैं।

जिसके पीछे और आगे वाले पैर के बीच ठीक-ठाक फ़ासला हो। लेकिन, पाकिस्तान के इस दायें हाथ के बल्लेबाज़ को शायद इस नियम से कोई मतलब नहीं था।

इजाज़ अहमद की स्ट्राइड अन्य बल्लेबाज़ों की तुलना काफ़ी कम रहती थी। जहाँ ज़्यादातर बल्लेबाज़ स्टांस के दौरान अपने बल्ले को दोनों पांवों के पीछे टिकाते है या हवा में ही रखते है

। वहाँ इजाज़ अहमद बल्ले को ठीक दोनों टांगों बीच रखते थे। बल्ले को ज़मीन पर ज़ोर से पटकते थे और शॉट खेलते समय ऐसे बल्ला घुमाते थे। जैसे लकड़हाड़ा लकड़ी काट रहा हो।

Ijaj Ahmed

इस अनोखे बैटिंग स्टांस के कारण इजाज़ अहमद को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ‘एक्स मैन’ कहा जाता था।

इजाज़ का यह अनोखा बैटिंग स्टांस उन्हें पावर जेनेरेट करने में मदद करता था। इजाज़ ने इस बैटिंग स्टांस के साथ टेस्ट में 45.27 और वन-डे में 80.30 के आक्रामक स्ट्राइक रेट से क्रमशः 3,315 और 6,564 रन बनाये हैं।

दायें हाथ के इजाज़ अहमद के बाद वर्तमान तक क्रिकेट जगत ने इस तरह के स्टांस वाला बल्लेबाज़ नहीं देखा है।

लांस क्लूज़नर (साउथ अफ़्रीका)

      दक्षिण अफ़्रीकी क्रिकेट टीम के लिए सिमित ओवर क्रिकेट के विस्फोटक बल्लेबाज़ों की सूची जब भी तैयार की जाएगी।

उसमे लांस क्लूज़नर का नाम ज़रूर आयेगा। बाये हाथ के लांस क्लूज़नर बल्लेबाज़ी करते वक़्त बल्ले को अपने कंधे तक पहुँचने वाली हाई बैकलिफ्ट के साथ पकड़ा करते थे।

जैसे-जैसे गेंदबाज़ उनकी ओर बढ़ता वो बल्ले को एक बेसबॉल खिलाड़ी के अंदाज़ में ज़ोर-ज़ोर से हिलाते और गेंद के बल्ले के नज़दीक आते ही पूरी ताक़त से हिट करते थे।

लांस के इस बल्लेबाज़ी स्टांस के लिए उन्हें ‘बेसबॉल स्कूल क्रिकेटर’ भी कहा जाता था।

Lance Klusener

लांस ने अफ़्रीका के लिए कई मौकों पर हारे हुए मैच जीत के साथ ख़त्म किये हैं।

हालांकि, जब एक बार गेंदबाजों ने उनकी बल्लेबाजी शैली का तोड़ खोज लिया।

तो, उनका कैरियर ग्राफ गिरता गया और धीरे-धीरे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में बने रहना उनके लिए मुश्किल हो गया।

#3:- केविन पीटरसन (इंग्लैंड)

      इंग्लैंड टीम के दायें हाथ का ये बल्लेबाज़ उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शुमार है। जो कैरियर की शुरुआत में अच्छे खेल के साथ अपने अजीब स्टाइल के लिये भी चर्चा में बने रहे।

स्कंक हेयर स्टाइल वाले केविन पीटरसन का बल्लेबाज़ी स्टांस देखने वालों को रोमांच से भर देता था।

बैटिंग करते समय पीटरसन के फ्रंट-फुट और बैक-फुट के बीच की दूरी सामान्य से काफ़ी अधिक होती थी।

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पीटरसन का ज़िक्र करते हुए इंग्लैंड टीम के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने कहा था-“पीटरसन की स्ट्राइड इतनी बड़ी रहती थी कि एक बकरी दोनों टाँगो के बीच से गुज़र जाये”

शॉट खेलने के दौरान भी पीटरसन बॉल बैट पे आने से पहले निरंतर चहलक़दमी करते रहते थे।

पीटरसन अपना स्टांस लेग स्टंप के बाहर से शुरू करते और शॉट खेलने के बाद ऑफ़ स्टंप की लाइन पर पहुँच जाते थे।

Kevin Pietersen

पीटरसन की इस चहलक़दमी के चलते गेंदबाज़ को उनके ख़िलाफ़ सटीक लाइन-लेंथ पकड़कर गेंदबाज़ी कर पाना मुश्किल रहता था।

6 फ़ुट 4 इंच लंबे पीटरसन के इस अजीबोग़रीब स्टांस के कारण उनकी लंबाई अन्य बल्लेबाज़ों जितनी हो जाती थी।

लेकिन, गेंद तक उनकी पहुंच दूसरे बल्लेबाज़ों के मुकाबले कहीं ज्यादा होती थी। इतनी हरकत के बाद भी पीटरसन पिच पर एकाग्र नज़र आते थे

। जिसका सबूत हैं पीटरसन द्वारा 104 टेस्ट मैचों में 47.28 की शानदार औसत से बनाये गये 8,181 रन।

इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं

#2:-शिवनारायण चंद्रपाल (वेस्टइंडीज)

      आज की तारीख़ में शिवनारायण चंद्रपॉल को आधुनिक क्रिकेट के महानतम बल्लेबाज़ों में गिना जाता है। लेकिन, साल 1994 में जब चन्दरपॉल ने वेस्टइंडीज़ के लिए डेब्यू किया था।

तो, क्रिकेट विशेषज्ञों ने चन्दरपॉल की बल्लेबाज़ी टेक्निक को कमज़ोर कहा था। जहाँ दूसरे बल्लेबाज़ गेंद की दिशा में अपने कंधे को आगे करके खड़े होते है।

वहीं, चन्दरपॉल 90 डिग्री के कोण के साथ गेंद का सामना करते थे।

गेंदबाज़ के रनआप लेते समय चन्दरपॉल अपने ओपन स्टांस के साथ तीनों विकेट छोड़कर खड़े रहते थे। जैसे ही गेंदबाज़ अंपायर को पार करता था। चन्दरपॉल ऑफ़ स्टंप को कवर कर लिया करते थे।

Shivnarine Chanderpaul

इस अजीब स्टांस के कारण कई मौकों पर आउट स्विंग खेलने में उन्हें परेशानी होती थी।

मगर, चन्दरपॉल ने स्टांस बदलने के बजाये अपनी तकनीक पर ध्यान दिया और एक अपनी ही तरह के अजीब स्टांस के साथ भी चन्दरपॉल ने वेस्टइंडीज़ के लिये रनों का अम्बार लगा दिया।

चन्दरपॉल ने वेस्टइंडीज  के लिये टैस्ट और वन-डे दोनों में क़रीब 20,000 रन बनाये हैं। चन्दरपॉल की बल्लेबाज़ी औसत टैस्ट में 51.37 और वन-डे में 41.60 है। चन्दरपॉल के यह आँकड़े इस बात का सबूत हैं।

कि, अजीब स्टांस के बावजूद भी चन्दरपॉल को लारा के बाद वेस्टइंडीज के लिये खेले सर्वश्रेष्ठ बाये हाथ के आधुनिक बल्लेबाज़ों में दूसरे नंबर पर गिनना गलत नहीं होगा।

1:- जॉर्ज बेली (ऑस्ट्रेलिया)

दोस्तों, जॉर्ज बेली असामान्य स्टांस के साथ बल्लेबाज़ी करने वाले खिलाडियों की सूची का सबसे चौकाने वाला नाम है। क्योंकि, सामान्यतः बेली कॉपी-बुक स्टाइल स्टांस के साथ बल्लेबाज़ी करते हैं।

लेकिन, 2018 में साउथ अफ़्रीका के विरुद्ध एक वन-डे मैच में जॉर्ज बेली गेंदबाज़ की ओर पीठ करके ऐसे खड़े हो गये मानो गेंदबाज़ी लैग अंपायर करेंगे।

जॉर्ज ने स्टांस लेते समय तीनों स्टंप्स छोड़ दिये थे और गेंदबाज़ के अंपायर के क़रीब एते ही वो मिडिल और लेग स्टंप कवर करके सामान्य बल्लेबाज़ी पोज़िशन में आ -जाते थे।

George Bailey

जॉर्ज ने इस घटना को याद करते हुए बताया-“स्विंग खेलते वक़्त मेरा पाँव और बल्ला ठीक समय पर गेंद तक नहीं पहुँच पा-रहे थे।

इस समस्या से पार पाने के लिए मैंने इस अलग तरह के स्टांस का सहारा लिया। उस दौरान मैं यह स्टांस घरेलू क्रिकेट में भी उपयोग कर रहा था।”

बेली का यह बल्लेबाज़ी स्टांस चन्दरपॉल के ओपन स्टांस के एकदम विपरीत था।

हालाँकि, बेली का स्टांस कारगर साबित हुआ। मगर, बेली का यह अनोखा स्टांस देखकर मैदान में मौजूद दर्शकों से लेकर साउथ अफ़्रीकी टीम के कप्तान फैफ डु प्लेसिस भी अपनी हँसी नहीं रोक पाये।

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