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कहानी इंडियन विकेटकीपर दिनेश कार्तिक की

दोस्तों क्रिकेट , एक ऐसा खेल जो हर भारतीय के दिलों दिमाग पर राज करता है। क्रिकेट के मैदान में घटित एक छोटी सी घटना भी पूरे भारतवर्ष में एक सनसनी की तरह फैल जाती है! कारण है भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों का भारतीय क्रिकेट से गहरा लगाव , जो कि भारतीय क्रिकेट को विश्व क्रिकेट से अलग बनाता है।

और यदि बात करें इस खेल के खिलाड़ियों की भारत में लोकप्रियता की तो, इस बात का अंदाजा सिर्फ इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि यहां खिलाड़ियों को भगवान का दर्जा तक दे दिया जाता है ।आज के इस एपिसोड में हम आपसे बात करेंगे भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे ही विकेटकीपर बल्लेबाज की |

जिसकी लोकप्रियता तो भारतीय क्रिकेट में बहुत रही लेकिन अवसरों के अभाव के चलते वह अपनी प्रतिभा की सार्थकता पूर्ण रूप से सिद्ध नहीं कर पाया। दोस्तों भारतीय क्रिकेट में विकेट कीपरो का दबदबा शुरुआती दौर से ही रहा है । भारतीय क्रिकेट से कई विश्वविख्यात विकेटकीपर निकले , जिन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा समूचे विश्व क्रिकेट में मनवाया।

कुछ ऐसे ही भारतीय विकेटकीपरो में से नाम है फारुख इंजीनियर, सैयद किरमानी , किरण मोरे और महेंद्र सिंह धोनी। लेकिन आज हम आपसे इनमें से किसी भी खिलाड़ी की बात नहीं करने वाले आज हम आपसे बात करेंगे उस भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज की जिसका नाम यूं तो बड़े-बड़े रिकॉर्ड्स के साथ नहीं जुड़ता लेकिन कई मैचों में भारतीय टीम को जीत दिलाने का श्रेय उससे अलग नहीं किया जा सकता ।

जी हां आज हम आपसे बात करने वाले हैं भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक की। वही दिनेश कार्तिक जिनके नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत की ओर से पहला मैन ऑफ द मैच बनने का रिकॉर्ड है। वही दिनेश कार्तिक जिन्होंने साल 2018 की निदहास ट्रॉफी में भारतीय टीम को हार के हाशिए से जीत के जश्न तक पहुंचाया था ‌‌

और वही, दिनेश कार्तिक जिन की पहली पत्नी ने उनको धोखा देते हुए भारतीय टीम के ही खिलाड़ी मुरली विजय से शादी रचा ली थी। दोस्तों अगर हम इस कहानी की शुरुआत शुरू से करें तो यह कहानी आरंभ होती है 1 जून सन 1985 को जब दिनेश कार्तिक का जन्म चेन्नई तमिलनाडु में हुआ।

बचपन से ही खेल में बेहद दिलचस्पी रखने वाले दिनेश कार्तिक ने महज 10 वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। दिनेश का बचपन कुवैत में कुछ समय तक गुजरा जहां उनके पिता काम किया करते थे। कुवैत में कुछ वर्ष रहने के बाद दिनेश कार्तिक फिर अपने वतन वापस लौटे , और चेन्नई से उन्होंने अपनी आगे की शिक्षा को जारी रखा।

क्रिकेट के शुरुआती दौर में दिनेश कार्तिक के पिता कृष्णा कुमार ही उन्हें ट्रेनिंग दिया करते थे। दिनेश के पिता खुद भी चेन्नई के फर्स्ट डिवीजन स्तरीय क्रिकेट खिलाड़ी रह चुके थे।  जिसके कारण शुरुआती दौर में दिनेश कार्तिक को अपने पिता से पूरा सपोर्ट मिला। दिनेश कार्तिक का तमिलनाडु के लिए अंडर 14 टीम में सिलेक्शन साल 1999 में हुआ |

जहां पर उनके बेहतरीन प्रदर्शन व प्रयासों को देखते हुए उन्हें अंडर 14 से अंडर-19 टीम में प्रमोटेड कर दिया गया।

Dinesh Karthik

घरेलू क्रिकेट में दिनेश कार्तिक का डेब्यू साल 2002 के आखिर में हुआ , अपने पहले घरेलू सीजन में दिनेश कार्तिक ने 5 मैच खेले जहां उन्होंने 179 रन 35.80 की औसत से बनाए और इसके बाद दिनेश कार्तिक का सिलेक्शन दिलीप ट्रॉफी में साउथ जोन की तरफ से भी हो गया यहां खेले गए कुल मैचों में दिनेश कार्तिक ने कुल मिलाकर 180 रन बनाए जिनमें तीन अर्धशतक भी शामिल रहे।

दिलीप ट्रॉफी में दिनेश कार्तिक का बतौर बल्लेबाज प्रदर्शन संतोषजनक रहा परंतु एक विकेटकीपर के तौर पर उन्होंने काफी आधारभूत गलतियां दोहराई। जिसके बाद अपनी कीपिंग तकनीकों में सुधार के लिए दिनेश कार्तिक ने पूर्व भारतीय विकेटकीपर और चेयरमैन ऑफ सिलेक्टर्स “किरण मोरे” के मार्गदर्शन में अपनी कीपिंग तकनीकों को पुनः विकसित किया।

अगर  बात करें दिनेश कार्तिक के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सफर के परिपेक्ष में

तो उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने डेब्यू 5 सितंबर 2004 से आज तक का सफर लगभग 15 वर्ष तक पुराना हो चुका है। इन 15 वर्षों के दौरान दिनेश कार्तिक ने 26 टेस्ट 94 O.D.I व 32 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपना प्रतिनिधित्व किया है जिनमें उनके रन क्रमशाह 1025 1752 व  399 रहे।

साथ ही यहा आपको यह भी जान लेना चाहिए अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में दिनेश कार्तिक के नाम एक भी शतक शामिल नहीं है उनके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में एक ही शतक उनके खाते में शामिल है जो कि उन्होंने टेस्ट मैच में बांग्लादेश के खिलाफ लगाया था ।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सफर में दिनेश कार्तिक को टीम से कई बार अंदर बाहर होना पड़ा, वास्तव में यही उनके क्रिकेट करियर के लिए एक अप्रिय तथ्य रहा, भारतीय क्रिकेट टीम में महेंद्र सिंह धोनी जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज !साथ ही विकेट कीपिंग की कला में निपुण लंबे बालों वाले धोनी! बहुत हद तक कार्तिक के टीम से अंदर बाहर होने का कारण  रहे।

अगर क्रिकेट विशेषज्ञों की मानें तो इसमें कहीं ना कहीं कमी दिनेश कार्तिक से ही रह गई । वे अपनी प्रतिभा को महेंद्र सिंह धोनी की प्रतिभा के समक्ष सार्थक सिद्ध नहीं कर पाए जिसके चलते टीम ने कार्तिक की अपेक्षा धोनी पर विश्वास करना ज्यादा मुनासिब समझा । जिसके बाद महेंद्र सिंह धोनी तो भारतीय क्रिकेट का सूरज बनकर चमकते चले गए।

लेकिन दिनेश कार्तिक की आभा फीकी और फीकी पड़ती गई। अगर बात करें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में दिनेश कार्तिक के कुछ महत्वपूर्ण लम्हों की तो वह पहला लम्हा है, साल 2013 चैंपियंस ट्रॉफी।

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जिस में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अभ्यास मैच में दिनेश कार्तिक ने नाबाद 146 रन ठोक डाले थे। उनकी इस धुआंधार पारी को देखते हुए कप्तान महेंद्र सिंह धोनी समेत टीम मैनेजमेंट भी दिनेश कार्तिक की मुरीद हो गई थी। अपने इस धमाकेदार प्रदर्शन का फायदा दिनेश कार्तिक को हुआ, उन्हें पूरे टूर्नामेंट में प्लेइंग इलेवन में जगह दी गई। आपको बता दें कि साल 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी भारत ने अपने नाम की थी उसके बाद आज तक कोई भी आईसीसी ट्रॉफी भारत अपने नाम करने में नाकाम रहा है।

अब अगर बात करें दिनेश कार्तिक के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दूसरे बड़े पल की तो वह जोड़ता है साल 2018 की निदहास ट्रॉफी से, जिस के फाइनल मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 8 गेंदों में 29 रन ठोक कर दिनेश कार्तिक ने अपना नाम सदा के लिए इतिहास में दर्ज करवा लिया था। बता दें कि उस मैच में आखिरी गेंद पर भारत को जीतने के लिए 5 रन चाहिए थे

और आखिरी गेंद पर मिडविकेट के ऊपर छक्का लगाकर दिनेश कार्तिक ने वह मैच भारत की झोली में डाल दिया था

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और यह कहने में बिल्कुल भी अतिशयोक्ति नहीं होगी कि वह मैच भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे रोमांचक मैच था। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा दिनेश कार्तिक इंडियन प्रीमियर लीग में भी अपने हुनर का प्रदर्शन कर चुके हैं। और अभी भी वह सक्रिय रूप से आईपीएल का हिस्सा बने हुए हैं। अपने आईपीएल करियर में दिनेश कार्तिक ने अभी तक कुल 196 मैच खेले हैं जिनमें उनके रन 3823 है।

अपनी आईपीएल करियर में दिनेश  दिल्ली डेयरडेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब ,मुंबई इंडियंस ,आरसीबी, गुजरात लायंस और केकेआर का हिस्सा रहे। आईपीएल 2018 और 2019 में दिनेश कार्तिक अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए कप्तानी भी कर चुके हैं और फिलहाल दिनेश इस सीजन में ईयान मोरगन के कप्तान बनने के बाद केकेआर के लिए उप कप्तान की भूमिका में खेलते नजर आएंगे।

दोस्तों अब यदि खेल के अतिरिक्त हम बात करें दिनेश कार्तिक के निजी जीवन की तो वह भी उनके क्रिकेट सफर की भांति अस्थिरता से भरा हुआ। आपको बता दें कि साल 2007 में दिनेश कार्तिक ने अपनी बचपन की दोस्त Nikita Vanjara से शादी की, और शादी के ठीक 5 साल बाद दिनेश कार्तिक की पत्नी उनके साथी खिलाड़ी मुरली विजय को दिल दे बैठीं,

जब इस बात का पता दिनेश कार्तिक को चला तो उन्होंने अपनी पत्नी से बिना कुछ कहे शांति से तलाक ले लिया, जिसके बाद मुरली विजय और निकिता बंजारा दोनों ने शादी रचा ली। इसके बाद साल 2015 में दिनेश कार्तिक ने Dipika pallika जोकि squash की पहली भारतीय प्रोफेशनल खिलाड़ी है , से शादी कर ली।

दिनेश कार्तिक के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा उनका एक बेटा भी है।

आपको बता दें कि भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम से दिनेश आखरी बार साल 2019 के विश्व कप में जुड़े थे जिसके बाद वह अभी तक टीम इंडिया में वापसी नहीं कर पाए हैं लेकिन वह घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में सक्रिय रूप से खेलते हुए हमें नजर आते रहते हैं।

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