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पॉल वल्थाटी: IPL में रातों रात शतक ठोंककर कैसे गुमनाम हो गए

क्रिकेट ऐसा खेल है, जिसमे एक अच्छी पारी खिलाड़ी को रातोंरात स्टार बना देती है, और क्रिकेट प्रेमी उस खिलाड़ी को पलकों पर बैठा लेते हैं, लोगों की उम्मीदें उस खिलाड़ी से बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, लेकिन एक पुरानी कहावत है कि सफलता के शिखर पर तो पंहुचना आसान होता है पर सबसे मुश्किल होता है

उस शिखर पर टिके रहना, सफलता के शिखर पर पंहुचकर वहां लम्बे समय तक बने रहकर अपने चाहने वालों की ख्वाहिशों को पूरा करते रहना सबके बस की बात नही होती है, कुछ खिलाड़ी ऐसे भी हुए हैं जो अपने किसी खास प्रदर्शन से दुनिया का दिल जीतने में कामयाब तो हुए, किन्तु फिर वह कहां गए, पता ही नहीं चला, आज हम एक ऐसे ही खिलाड़ी की बात करने वाले हैं,

 जिसे सफलता की ऊँचाइ पर चढने की सीढी तो मिली लेकिन शायद उस शिखर पर टिके रहना उसके नसीब में नही था, हम बात कर रहे हैं एक प्रतिभाशाली बल्लेबाज पॉल वल्थाटी की, पॉल आईपीएल से चमके वो सितारे थे, जिसकी चमक समय से पहले ही धुंधली पड़ गयी, आज हम पॉल वल्थाटी के जीवन से जुड़े अनछुए पहलुओं को और उनके अर्श से फर्श तक आने की कहानी जानने की कोशिश करेंगे |

पॉल वल्थाटी का प्रारंभिक जीवन

पॉल का जन्म 7 दिसम्बर 1983 को मुंबई में हुआ था, बचपन से ही पॉल को क्रिकेट का शौक था, अपने इस शौक को करियर बनाने की चाह में पॉल मुंबई की प्रतिष्ठित दिलीप वेंगसरकर क्रिकेट एकेडमी में भर्ती हो गये, जहाँ पॉल क्रिकेट की बारीकियां और गुर सीखने लगे, पॉल एक आक्रामक बल्लेबाज होने के साथ साथ काम चलाऊ गेंदबाज भी थे,

जो टाइम आने पर विकेट भी चटका दे थे, 90 के दशक के अंतिम समय में पॉल का करियर बेहद करिश्माई था, उन्हें हर आयु वर्ग की टीम में जगह मिली और उन्होंने कमाल का प्रदर्शन भी किया, उन्हें आने वाले समय का बड़ा स्टार माना जाने लगा, इसके बाद उन्हें साल 2002 में अंडर 19 भारतीय टीम में जगह मिली जो न्यूजीलैंड में विश्व कप खेलने गयी थी,

इस विश्वकप में उनके साथ इरफ़ान पठन और पार्थिव पटेल जैसे खिलाड़ी भी शामिल थे, आपको पता ही होगा कि ये दोनों खिलाड़ी वर्षों तक भारत की सीनियर टीम में खेले और अभी भी क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन पॉल के साथ यहाँ एक अनहोनी हो गयी जिसने पॉल का करियर पूरी तरह बर्बाद कर दिया

Paul Valthaty

किस मैच में पॉल को लग गयी थी आँखों पर चोट

दरअसल इस विश्वकप का एक मैच भारत और बांग्लादेश के बीच खेला जा रहा था, जिसमें पॉल की आँख पर जबरदस्त चोट लग गयी, इस चोट से उबरने में उन्हें सालों का समय लग गया और क्रिकेट की प्रेक्टिस भी छूट गयी, लेकिन पॉल ने हार नही मानी और उन्होंने साल 2006 में मुंबई की सीनियर वनडे टीम में जगह बनाई,

जिसमे उनका प्रदर्शनं ठीक ठाक रहा, वो कोई करिश्माई प्रदर्शन तो नही कर पा रहे थे, लेकिन इतना तो था कि लोगों की नजर उन पर पड़ रही थी, उन्ही दिनों आईपीएल के रूप में भारत में क्रिकेट का नया अध्याय शुरू हुआ, क्रिकेट प्रेमियों के लिए आईपीएल किसी त्यौहार के कम नहीं है, इसके कई बड़े कारण भी हैं, जहां, एक ओर इस क्रिकेट ने लोगों को रोमांच से भरने का काम किया है, 

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वहीं दूसरी तरफ हार्दिक पंड्या, कृनाल पंड्या और जसप्रीत बूमराह जैसे कई हुनरबाज भी दिए हैं, जो विश्व स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रहे हैं, आईपीएल ने सैकड़ों उभरते हुए खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान किया, पॉल को भी राजस्थान रॉयल्स ने अपनी टीम में शामिल किया और साल 2009 में उन्हें कुछ मैच खेलने को मिले,

इसके बाद साल 2010 में मुंबई की टी-20 टीम में खेलते हुए पॉल ने अपना पुराना जलवा दिखाया और अगले साल आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया, पंजाब की टीम ने इस सीजन टीम में कई बड़े बदलाव किए थे, टीम की कप्तानी इस बार युवराज सिंह की जगह  ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट कर रहे थे और टीम में ज्यादातर युवा खिलाड़ी ही

साल 2011 में आईपीएल का एक मैच किंग्स इलेवन पंजाब और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाना था, और आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स का ओहदा हमेशा से ही उस ऑस्ट्रेलिया की टीम के रूप में देखा जाता है, जो किसी भी समय अपनी जिद और अपने जादुई कप्तान महेंन्द्र सिंह धोनी की दम पर मैच पलट सकती है,

यही कारण था कि उसे आईपीएल-2011 के विजेता का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, इस मैच में चेन्नई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए अपना चैम्पियन वाला दबदबा भी दिखाया, पहले बल्लेबाज़ी करते हुए चेन्नई की टीम ने विजय के 74 और बद्रीनाथ के 66 रन की पारी के दम पर 188 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया इस मैच में धोनी ने भी 20 गेंदों में 44 रन की शानदार पारी खेली थी,

एडम गिलक्रिस्ट का कौन सा फैसला चौकाने वाला था

189 रन के स्कोर का पीछा करना आसान नहीं दिख रहा था, पंजाब की टीम को अश्विन, मोर्केल, सूरज रणदीव जैसे गेंदबाजों का सामना करना था, सबकी नज़रें सिर्फ एडम गिलक्रिस्ट की तरफ थीं, सब देखना चाहते थे कि वह किसके साथ मैदान पर ओपन करने के लिए उतरते हैं, इसी बीच एडम गिलक्रिस्ट ने एक प्रयोग करते हुए अपने जोड़ीदार के रूप में पॉल वाल्थाटी के साथ मैदान पर आते दिखे, गिलक्रिस्ट का यह फैसला काफी चौकाने वाला था, खैर इसका जवाब उस वक्त लोगों को मिल गया, जब पॉल का बल्ला चला.

Paul Valthaty

पॉल वल्थाटी की कौन सी पारी थी सबसे यादगार

कहते हैं न कि किस्मत सिर्फ एक बार ही मौका देती है, कुछ ऐसा ही पॉल को उस मैच में लगा, आईपीएल में इतने बड़े मौका का फायदा उठाते हुए, पॉल ने इस मैच को यादगार बना दिया, वह भी तब, जब 189 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पंजाब का कोई भी बल्लेबाज़ कुछ ख़ास नही कर पा रहा था,

पॉल अपने इस मौके को पूरी तरह से भुनाते हुए मात्र 63 गेंदों में 120 रन की पारी खेल कर पंजाब को उस सत्र की सबसे यादगार जीत दिला दी, इस पारी में उन्होंने 19 चौके और 2 छक्के भी मारे थे, उन्होंने क्रिकेट फैंस को भी अपनी बल्लेबाजी से हैरान कर दिया, इस पारी ने उन्हें एक स्टार बना दिया, पॉल यहीं नही रुके

उन्होंने अगले मैच में भी जबरदस्त ऑलराउंड खेल दिखाया, पॉल ने इस मैच में 47 गेंदों में 75 रन की पारी खेली और चार विकेट भी हासिल किये, फिर अगले मैच में भी उन्होंने 46 रन की धमाकेदार पारी खेल कर खुद को आईपीएल में साबित करने की कोशिश की, उन्होंने तीन मैचों में ऐसा यादगार प्रदर्शन किया कि लोग उन्हें भारतीय टीम का अगला स्टार मान कर चलने लगे, 

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लेकिन उनके लिए ये प्रदर्शन चार दिन की चांदनी साबित हुआ, इसके बाद पॉल वॉल्थाटी की कलाई में गैंगलियन हो गया, उन्हें अपना बल्ला, यहां तक की कैप उठाने में भी मशक्कत करनी पड़ती थी, वाल्थाटी ने साल 2012 के आईपीएल सीजन में भी 6 मैच खेले और फिर उनका घुटना चोटिल हो गया अपनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी से लोगों के दिलों पर छा जाने वाले पॉल आउट ऑफ़ फॉर्म हो गए थे,

हालाँकि उन्हें अगले दो साल भी आईपीएल में जगह मिली, लेकिन फिर दोबारा उनका जलवा नही दिखा, उनकी ख़राब फॉर्म का आलम ये था कि एक सीजन पहले गेंदबाजों को खौफ की नजर आने वाले इस बल्लेबाज की हालत ऐसी हो गई कि वो आईपीएल की आखिरी पांच पारियों में दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाया, उन्होंने अपना आखिरी मैच 2013 में हैदराबाद के खिलाफ खेला था,

इस मैच में उन्होंने महज 6 रन बनाए थे, पॉल के आईपीएल आकड़ों की बात करें तो उन्होंने 23 मैचों में 22.95 के औसत से 505 रन बनाए, उनका बेस्ट स्कोर 120 रन रहा, उन्होंने अपने करियर में एक शतक और दो अर्धशतक लगाए,जबकि, अगर गेंदबाज़ी की बात करे तो उन्होंने 7 विकेट हासिल किये, इस दौरान उनका बेस्ट 29 रन देकर 4 विकेट रहा है

आईपीएल से दूर होने के बाद उन्हें रणजी क्रिकेट खेलने भी खेलने का मौका नही मिला, हालाँकि पॉल मुंबई लीग में खेलते हुए नज़र आ जा जाते हैं, जहाँ पर उन्हें मुंबई साउथ सेंटर ने पिछले साल 50,000 रुपये में टीम से जोड़ा था, वर्तमान में पॉल वह एयर इंडिया में काम करते हैं और अभी भी मुंबई में क्लब क्रिकेट खेलते हैं.

Paul Valthaty

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