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Sanjay Dutt की शादी और अफेयर्स के किस्से

29 जुलाई 1959 को सुनील दत्त और नरगिस दत्त के घर जन्म लेने वाले Sanjay Dutt की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।एक बड़े घर में जन्मा बिगड़ैल बच्चा जिसे बढ़ती उम्र के साथ नशे की आदत लग जाती है और घर में बंदूक मिलने से उस बिगड़ैल लड़के पर देशद्रोह का आरोप भी लगाया जाता है।लेकिन एक बार जब उस लड़के को यह पता चलता है कि वो अपने नशे की आदत के कारण दो दिन बाद जाकर उठा है तब वह नशे से खुद को अलग करने की कोशिश में लग जाता है।ड्रग्स के नशे से छुटकारा पाने और अपनी पहचान को फिर से नए आयाम दिलाने की यही जद्दोजहद इस लड़के को आगे चलकर हिंदी सिनेमा का सुपरस्टार बना देती है।लेकिन एक फिल्मी कहानी में एक्शन, संस्पेंस और दुख दर्द के अलावा रोमांस भी एक अहम भूमिका निभाता है।संजय दत्त की इस उतार चढ़ाव वाली कहानी में भी यह रोमांस अपनी एक अलग जगह रखता है।एक बड़े बाप के बेटे का नशेड़ी से हीरो बन जाने के इस अफसाने में सबसे खुबसूरत मोड़ संजय दत्त के रोमांस और वैवाहिक जीवन से जुड़ा हुआ है।तो आज के इस एपिसोड में हम तीन शादियों और कई संबंधों पर खड़ी इसी खुबसूरत कहानी के बारे में बात करने वाले है।आज हम बात करने वाले है संजय दत्त के वैवाहिक जीवन के बारे में।

Sanjay Dutt
Sanjay Dutt

Sanjay Dutt और Tina Munim की कहानी

संजय दत्त की पहली फिल्म का नाम रोकी था जो 8 मई 1981 को रिलीज हुई थी, जिसमें टीना मुनीम को संजय दत्त की हीरोइन के रूप में कास्ट किया गया था।फिल्म के सैट पर संजय दत्त और टीना मुनीम में नजदिकियां बढ़ने लगी और धीरे धीरे दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे।ये फसाना दो सालों तक जारी रहा लेकिन उसके बाद टीना मुनीम को संजय दत्त के नशे की आदत के बारे में पता चला और साथ ही संजय दत्त की अपने पार्टनर पर अधिकार जमाने की आदत भी टीना को परेशान कर रही थी। जिसके चलते टीना संजय दत्त से दुर हो गई। संजय दत्त टीना को लेकर बहुत गंभीर रहते थे जिसका एक उदाहरण टीना के अलग होने के बाद भी देखने को मिला जब सिनेमाई गलियारों में यह खबर उड़ने लगी कि ऋषि कपूर और टीना मुनीम का अफेयर चल रहा है।इस खबर को सुनकर संजय दत्त गुलशन ग्रोवर को साथ लेकर ऋषि कपूर से लड़ने उनके घर चले गए लेकिन वहां नीतू सिंह ने उन्हें पुरी बात बताई और यह भरोसा दिलाया कि ऋषि कपूर और टीना मुनीम के बीच अफेयर जैसा कुछ भी नहीं है। संजय दत्त और टीना मुनीम ने आगे चलकर एक दुसरे से दुरियां बना ली संजय दत्त जहां अपने काम में मशरूफ हो गए तो वहीं टीना मुनीम आज भारत के सबसे अमीर घर की बहू बन चुकी है।

Sanjay Dutt and Tina Munim

Sanjay Dutt और Kimi Katkar की कहानी

टीना मुनीम के बाद संजय दत्त ने कीमि काटकर को डेट करना शुरू किया जो उस वक्त फिल्म टार्जन के कारण फेमस हो चुकी थी। लेकिन यह संबंध भी आगे नहीं बढ़ सका जिसका मुख्य कारण संजय दत्त के नशे को ही माना जाता है।फिर आया साल 1986 जिसमें फिल्म नाम के जरिए संजय दत्त को पहली बार एक अच्छे अभिनेता के तौर पर देखा गया था। इस साल संजय दत्त खुद को नशे की आदत से भी लगभग छुटकारा दिला चुके थे और एक अच्छी जिंदगी की ओर कदम बढ़ा रहे थे जहां उनकी मुलाकात अभिनेत्री रिचा शर्मा से हुई।रिचा शर्मा ने 1985 में आई देवानंद की फिल्म हम नौजवान से फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था

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जिसके बाद 1986 में रिचा शर्मा अनुभव और इंसाफ की आवाज में भी काम कर रही थी।इसी बीच संजय दत्त और रिचा शर्मा की मुलाकात हुई दोनों में दोस्ती हुई और दोस्ती धीरे धीरे प्यार में बदल गई और इसी प्यार की बदौलत दोनों ने अगले साल 1987 में न्यूयॉर्क जाकर शादी कर ली।संजय दत्त की पत्नी रिचा शर्मा ने 1988 में एक बच्ची को जन्म दिया जिसका नाम त्रिशला रखा गया लेकिन इसके चार महीने बाद ही रिचा शर्मा को ब्रेन ट्यूमर की बीमारी ने घेर लिया जिसके चलते उन्हें न्यूयॉर्क के एक होस्पीटल में भर्ती करवाया गया।रीचा शर्मा जब न्यूयॉर्क में अपनी बीमारी से लड़ रही थी

Sanjay Dutt and Richa Sharma

Sanjay Dutt और Madhuri Dixit की कहानी

उसी दौरान साल 1988 में फिल्म खतरो के खिलाड़ी आई थी जिसमें संजय दत्त के साथ पहली बार माधुरी दीक्षित को पर्दे पर देखा गया था।धीरे धीरे यह जोड़ी दर्शकों को थिएटर तक खींचने लगी और फिर साजन, थानेदार, कानून अपना अपना और खलनायक जैसी फिल्मों ने इस जोड़ी को हर सिनेमा प्रेमी की पसंद बना दिया था।साजन फिल्म के बाद यह जोड़ी कई पत्रिकाओं और अखबारों के लिए भी अपने फ्रन्ट पेज का मुख्य विषय बन गई थी, जिसके चलते इन दोनों के अफेयर और शादी करने जैसी बातें भी चर्चा का विषय बन गई।इस जोड़ी के बारे में कहा गया था कि साजन फिल्म के बाद माधुरी दीक्षित संजय दत्त को अपना दिल दे बैठी थी जिसके चलते इन्होंने अपना सिग्नेचर बदल कर माधुरी s  दीक्षित कर दिया था लेकिन ये बातें सिर्फ अफवाह और किस्से बनकर ही रह गई क्योंकि इन दोनों ने कभी भी ऐसी बातों को सही नहीं बताया।अपने सिग्नेचर पर बात करते हुए माधुरी दीक्षित ने कहा था कि उनके सिग्नेचर में s का मतलब शंकर दीक्षित है जो उनके पिता का नाम है।

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फिर साल 1993 में जब संजय दत्त को मुम्बई बम ब्लास्ट केस में जेल भेजा गया तो माधुरी दीक्षित ने संजय दत्त से अपने सभी रिश्तें तोड़ने का मन बना लिया और कभी भी उनसे मिलने नहीं गई।1997 में आई फिल्म महानता के बाद माधुरी दीक्षित और संजय दत्त की यह जोड़ी हाल ही में आई फिल्म कलंक में एक बार फिर पर्दे पर दिखाई दी थी।लगभग 23 सालों की इस दुरी का कारण भी माधुरी दीक्षित के व्यवहार को माना जाता है जहां उन्होंने इस दौरान संजय दत्त से बात करने से भी मना कर दिया था।हालांकि संजय दत्त और माधुरी दीक्षित ने कभी भी अपने रिश्ते को लेकर कुछ नहीं कहा लेकिन संजय दत्त की पत्नी रिचा शर्मा की बहन एना ने संजय दत्त और रिचा के रिश्तों में आई अड़चन का जिम्मेदार माधुरी दीक्षित को ही माना और कई इंटरव्यूज में माधुरी दीक्षित के बारे में खुलकर सामने आई थी।

Sanjay Dutt and Madhuri Dixit

Sanjay Dutt और Rekha की कहानी

इसके अलावा साल 1984 में जब संजय दत्त और रेखा फिल्म जमीन आसमान की शूटिंग कर रहे थे उस समय यह खबर फैलने लगी थी कि रेखा और संजय दत्त के बीच अफेयर चल रहा है। कुछ लोग तो यह भी कहने लगे थे कि रेखा ने अमिताभ बच्चन को चिढ़ाने के लिए संजय दत्त से नजदीकियां बढ़ाई है और साथ ही रेखा संजय दत्त के नाम का सिंदूर अपनी मांग में लगाती है।

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लेकिन कोई आज भी पुरे यकीन के साथ इन बातों को सही नहीं बता सकता यहां तक कि रेखा पर कीताब लिखने वाले यासिर उस्मान ने भी इन बातों को एक अफवाह के तौर पर ही लिखा है।रेखा के बाद माधुरी दीक्षित से जुड़ी खबरों से संजय दत्त और रिचा शर्मा के रिश्तों में खटास जरुर आई लेकिन इन सबके बावजूद भी रिचा शर्मा का भरोसा नहीं टुटा और वो हमेशा अपने पति के साथ खड़ी रही।लेकिन साल 1996 में कुदरत ने संजय दत्त की जिंदगी में आई इस बहार को भी उनसे छीन लिया और रिचा शर्मा का निधन हो गया।

Sanjay Dutt and Rekha

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Sanjay Dutt और Rhea Pillai की कहानी

साल 1993 के बोम्बे बम ब्लास्ट में जेल जाने के दौरान जब संजय दत्त बेल पर बाहर आए तब उनकी मुलाकात मोडल रिया पील्लई से हुई। रिया पिल्लई कई बार संजय दत्त से मिलने जेल भी जाया करती थी। यही मुलाकाते धीरे धीरे दोस्ती में बदलने लगी और कुछ लोग तो यह भी कहते हैं कि उस समय संजय दत्त हमेशा रिया से मिलने के बहाने ढुंढा करते थे।आखिरकार वेलेंटाइन डे के दिन साल 1998 को संजय दत्त ने अपने दिल की बात रिया को बताई और उसी दिन किसीको बिना कुछ भी बताए दोनों ने मंदिर में फेरे ले लिए।संजय दत्त और रिया की शादी की यह खबर सुनिल दत को भी बाद में पता चली थी लेकिन सुनिल दत ने अपने बेटे की खुशी को वरीयता देते हुए इस रिश्ते को मान लिया और रिया को अपने घर की बहू के रूप में स्वीकार कर लिया।इस शादी के कुछ सालों बाद ही दोनों के रिश्तों में तनाव आने लगे जिसकी वजह रिया और लिएंडर पेस के अफेयर को बताया गया जिसके चलते दोनों अलग-अलग रहने लगे और साल 2005 में दोनों ने तलाक ले लिया।

Sanjay Dutt and Rhea Pillai

Sanjay Dutt और Manyta की कहानी

शादी के बाद जब रिया और संजय दत्त के रिश्तों में तनाव शुरू होने लगे थे उस दौरान संजय दत्त की जिंदगी में मान्यता आई जो उस समय हिंदी सिनेमा में अपने कदम जमाने की कोशिश कर रही थी।संजय दत्त ने तब मान्यता की मदद करते हुए 2003 में आई फिल्म गंगाजल में एक आइटम सांग के लिए इस फिल्म के मेकर्स को उनका नाम सुझाया था।संजय दत्त और मान्यता कुछ समय तक साथ रहे और फिर 7 फरवरी 2008 के दिन दोनों ने गोआ में शादी कर ली।मान्यता दत्त की पहली शादी मीराज उर रहमान नाम के शख्स से हुई थी जिसे तलाक देने के बाद उन्होंने संजय दत्त से शादी की जिनसे वो दो जुड़वां बच्चों की मां बनी जिसमें बेटे का नाम सहरान और बेटी का नाम इकारा है।

Sanjay Dutt and Manyata

तो दोस्तो इस तरह संजय दत्त की ज़िंदगी के इस फसाने को कई विचित्र रास्तों से होते हुए अपनी मंजिल मिल गई और आज यह परिवार सबकुछ भुलाकर आराम से अपनी जिंदगी बिता रहा है।मान्यता दत्त ने जहां अभिनेत्री के अपने सफर को छोड़कर संजय दत्त की प्रोडक्शन हाउस के सीईओ का कार्यभार संभाल लिया है तो वहीं संजय दत्त भी जेल से वापस आने के बाद अपने सिनेमाई सफर को आगे बढ़ाने और शानदार बनाने में लगे हुए हैं।

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