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खरबूजे  को देखकर खरबूजा रंग बदलता है”-ये कहावत असल जिंदगी में कितना प्रेक्टिकल है ये तो कहा नहीं जा सकता.लेकिन क्रिकेट में ये लाइन  बिल्कुल सटीक बैठती है कि ” रिकॉर्ड को देखकर दूसरे  रिकॉर्ड कायम किये जाते हैं |

जी हाँ , 1971 से 2010 तक  जिस वनडे इतिहास में  दोहरे शतक को लगभग नामुमकिन माना जाता था, फरवरी 2010 में  सचिन तेंदुलकर  के 200 रनों की  पारी ने  मानो वनडे क्रिकेट में  दोहरे शतक के लिए नक्शा तैयार कर दिया |

यह विश्वास करना मुश्किल होता है कि वनडे क्रिकेट  मे जिस दोहरे  शतक के लिए क्रिकेट प्रसंशको को चार दशक का लम्बा इंतजार करना पड़ा, मास्टर ब्लास्टर की  पारी के बाद  मात्र एक  दशक मे ही 10 दोहरे शतक लग चुके हैं  |

यूँ क्रिकेट में आये दिन कोई ना कोई रिकॉर्ड टूटते  और बनते रहते हैँ लेकिन ऐसे कम  ही मौके आते हैँ  ज़ब पुराने  रिकॉर्ड के साथ पुरानी  धारणा भी टूट टूट जाती है ।

इनमे से ही कभी एक धारणा थी वनडे इतिहास में 400 रन बनाने की ।

क्रिकेट ही नहीं  किसी भी क्षेत्र  में  जब उपलब्धि बड़ी होती है तो  उसके पीछे का किस्सा भी काफ़ी  रोचक होता  है… तो आज क्रिकेट का  एक ऐसा ही रोचक  किस्सा  नारद टीवी अपने दर्शकों से साझा करने जा रहा है ।

 ये एक ऐसा  मौका था जब ना सिर्फ किसी एक दिवसीय क्रिकेट में 400 से कहीं ज्यादा 434 रन बने ,  बल्कि उसे उतनी ही दिलेरी से  चेस भी किया गया ।

तो आइये  14 साल पुरानी इसी मैच के धुंधली  यादों को उभारते हुए क्रिकेट के उस ऐतिहासिक दिन की तरफ चलते  है  जिसे सुनकर आप बोलेंगे कि..  गजब हो गया |

m celebrate the historic win Getty Images

तारीख  12मार्च 2006,  रविवार का  दिन..

और ऑस्ट्रेलिया-साउथ अफ्रीका का  वनडे मैच…

 मैच किसी विश्वकप नहीं एक साधारण वनडे सीरीज का  था..  तो सब कुछ सामान्य ही था,

जैसा कि हमने आपको शुरुआत में ही  बताया कि अब तक 400 रन वनडे क्रिकेट में देखने को नहीं मिला था..

हालांकि इसके आसपास का स्कोर कुछ महीने  पहले ही न्यूजीलैंड ने 24 अगस्त 2005 को  बनाया था,  जिसमे न्यूजीलैंड ने जिम्बाम्बे के खिलाफ  397 रन बनाकर 192 रन से जीत भी  हासिल की थी ।

लेकिन वनडे क्रिकेट मे पहली बार स्कोर बोर्ड पर 400 पार का स्कोर टंगना अभी भी बाकि था…

तो ऑस्ट्रेलिया के जोहानिसबर्ग  मैदान में ऑस्ट्रेलियन टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी,

आपको याद दिलाते चले कि ये क्रिकेट का ये वो दौर था जब ऑस्ट्रेलिआई  टीम वनडे क्रिकेट मे  बादशाह रखती थी, वर्ल्डकप से लेकर सीरीज मैच तक ऑस्ट्रेलिया टीम का दबदबा हुआ करता था…

अपने स्वभाव के अनुसार ही ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाजों ने आक्रामक बल्लेबाजी करना शुरू किया | बल्लेबाजों को देखकर ऐसा लग रहा था कि वो अफ्रीकन गेंदबाजों पर किसी तरह का रहम करने के मूड मे नहीं हैँ  |

और ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाजों की ताबड़-तोड़ पारी ने ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 50 ओवर में 434 रन के स्कोर पर पहुँचा दिया | जो 9 विकेट गँवाकर बनायीं गई थी |

 इस पारी में महानतम ऑस्ट्रेलियन बल्लेबाज रिकी पोंटिंग ने मात्र 105 पर 164 रन की धुआँधार पारी खेली थी जिसमे 13 चौके और 9 छक्के शामिल थे। इसके आलावा गिलक्रिस्ट 55रन, साइमन कैटिस  79 रन और माइकल हसीं  ने 81 रन की शानदार पारी खेली थी |..

बरहाल मैच की पहली पारी ख़त्म हो चुकी थी , ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी और दर्शक सहित  क्रिकेट प्रशंसकों का पूरा महकमा ख़ुश था सिवाय साउथ अफ्रीकन टीम और उनके फैन के… |

लेकिन साउथ अफ्रीकन टीम भी ज्यादा  निराश नहीं थी  क्योंकि ऑस्ट्रेलियन टीम ने जो कारनामा किया था वो वास्तव में ऐतिहासिक था |

434 के विशाल स्कोर के आगे अफ्रीकन टीम भी किसी दबाव में नहीं थी  क्योंकि उन्हें लग गया  था कि ये लक्ष्य का पीछा करना मुमकिन तो है नहीं,  फिर रणनीति बनाने से क्या लाभ..

 उनकी सोच नकरात्मक जरूर थी  लेकिन  उन परिस्थितियों में लाजिमी भी  थी ।

 क्योंकि जो इतिहास में कभी नहीं हुआ था, वो अब  हो चूका था और उसके भी आगे की   कल्पना करना भी करना मुमकिन नहीं था..

तो मैच के प्रेशर को दरकिनार करते हुए ड्रेसिंग रूम मे अफ्रीकन खिलाड़ियों द्वारा मैच के घटनाओं पर चुटकी ली जा रही थी..

और जब बात दिल खोलकर रन लुटाने वाले गेंदबाजों पर आई तो अफ्रीकन खिलाड़ी जैक्स कॉलिस बोले – मुझे लगता है कि हमारे  गेंदबाजों ने अच्छा किया…  इस विकेट  पर 450 रन बनाये जा सकते हैं , ऑस्ट्रेलिया ने फिर भी कुछ रन कम बनाये हैँ, कॉलिस का ये कहना साथी खिलाड़ियों के लिए आश्चर्य का विषय जरूर था…

लेकिन कॉलिस द्वारा  ये बात  इतनी गर्मजोशी से कही गई थी कि अफ्रीकन खिलाड़ी काफ़ी उत्साह के साथ मैदान पर उतरे ,

अब साउथ अफ्रीकन बल्लेबाजों के सामने लक्ष्य भी था और उसे पाने की चाहत भी….

दूसरी पारी शुरू हुई.. यानि  इतिहास के बाद एक और नया इतिहास लिखने की दास्ताँ..

Herschelle Gibbs

साउथ अफ्रीका के सामने था जीत के लिए 435 का  लक्ष्य शिखर । जिसे फतेह करना नामुमकिन जैसा जरूर था  मगर आज अफ्रीकी टीम के इरादे कुछ और ही थे। दूसरे ओवर में ही पहला विकेट खोने के बाद तो खेल ने वो रंग बदला कि देखने वालों के होश उड़  गए।

कप्तान ग्रीम स्मिथ और हर्शेल गिब्स ने ऑस्ट्रेलियन गेंदबाजों के धागे  खोल दिए । रनो का अम्बार चढ़ता गया | कैप्टन स्मिथ 55 गेंदों पर 90 रन की तेज पारी खेलकर चलते बने | लेकिन हर्सल  गिब्स ने कहर जारी रखा और 111 गेंदों पर 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेला |

गिब्स की ये पारी उस समय की वनडे की सर्वश्रेष्ठ पारी तो थी ही, साथ ही साथ  शराब के नशे में खेली अब तक की सर्वश्रेष्ठ पारी है..

ये खुलासा कैसे हुआ और किसने किया इसकी चर्चा हम आगे करेंगे..

फिलहाल रुख़ करते हैँ मैच की और…

गिब्स के आउट होने के साथ ही टीम 4 विकेट खो चूकि थी लेकिन  साउथ अफ्रीका अभी लक्ष्य से 136 रन दूर थी। और 107 गेंदे शेष थी ।

इसके बाद फंसते मैच को जोहान वान-डर-वार्थ और विकेटकीपर बल्लेबाज मार्क बाउचर की तेज  अर्धशतकीय पारी ने जीत के दहलीज तक पहुंचाया। लेकिन साउथ अफ्रीका को जीत अभी भी नहीं मिली थी।

मैच आखिरी ओवर में आ गया था, 8 विकेट गिर चूके थे लेकिन मार्क बाउचर स्ट्राइक पर थे तो 7 रन आसान दिख रहे थे..

ब्रेट ली ने पहली गेंद डाली और गेंद बल्ले से लगते ही जबरदस्त रफ़्तार में आ गयी , जो संभावित चौका ही था लेकिन गेंद ब्रेट ली के  पैरो से लगकर रुक गई और अफ्रीकन टीम को 1 रन ही मिल सका।

अब जीत के लिए 5 गेंद पर 6 रनो की मांग थी |

अब स्ट्राइक थी एंड्रे नेल के पास जो एक तेज गेंदबाज थे , उन्होंने दूसरे गेंद पर चौका लगाकर मैच का रुख़ पूरी तरह साफ कर दिया। अब 1 रन मैच टाई और 2रन पर जीत थी..

लेकिन अगले ही गेंद पर एंड्रे नेल कैच आउट होकर पवेलियन लौट गए…

इस विकेट के साथ ही साउथ अफ्रीका ने 9 विकेट खो दिया था..

आखिरी बल्लेबाज थे  मखाया एंटिनी.

अब यहाँ विकेट गिरना  साउथ अफ्रीका के लिए सदमे जैसा था.. जो साउथ अफ्रीकन टीम को कभी ना भूलने वाला कड़वी यादों में से एक है । |

लेकिन एंटिनी ने किसी तरह बल्ले से गेंद रोककर 1 रन ले लिया, मैच टाई  हो चुका,  था स्ट्राइक पर मार्क बाउचर आ चुके थे,

साउथ अफ्रीका टीम और  दर्शकों के जान में जान आई, स्कोर एकदम बराबरी का था..

 फिर बाउचर ने विजयी चौका लगाकर साउथ अफ्रीका को जीत दिलाई..

ऑस्ट्रेलिया के 434 रन के लक्ष्य में साउथ अफ्रीका ने 438 रन का स्कोर खड़ा  कर चुकी थी

या यूँ कहे इतिहास को बदल कर नया इतिहास लिखा जा चुका था..

याद कीजिये वीडियो की पहली लाइन, “खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है ” धुआंधार pari 

इस मैच में दोनों ओर से कुल 87 चौके और 26 छक्के लगे थे। साथ ही  साउथ अफ्रीका ने सीरीज 3-2 से जीत ली। यानि ये सीरीज का निर्णायक मुकाबला था जिसे खेला भी उतनी ही शिद्दत से गया ।

इस महारिकॉर्ड मैच मे कुछ शर्मनाक रिकॉर्ड भी बने, ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज मिक लुईस के 10 ओवर में अफ्रीकी टीम ने 113 रन लूटे, जो वन-डे इंटरनेशनल की एक पारी में किसी गेंदबाज का सबसे महंगा ओवर है।

मैच ख़त्म होने के बाद ये  मैच  तूल पकड़कर  लोगो की चर्चा मे आया ।वो आज तक नहीं थमा हैँ और ये आज भी वनडे क्रिकेट  का सबसे हाई स्कोरिंग मैच बना हुआ हैँ,

अब चलते है मैच के दूसरे पहलू की ओर, और जैसा कि हमने बताया कि इस मैच मे सबसे बड़ी पारी शराब के नशे मे खेली गई थी |

जिसका खुलासा खुद हर्सल गिब्स ने किया था

गिब्स ने ऑटोबायोग्राफी ‘टू द पॉइंट : द नो होल्ड्स बार्ड’  में बताया है कि उस मैच से पहले की रात उन्होंने काफी शराब पी थी और मैच वाले दिन भी  वह नशे  में ही  थे। इसके अलावा पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर माइक हसी  भी अपनी किताब में इस बारे में जिक्र कर चुके   है। उन्होंने लिखा कि  “सोने से ठीक पहले मैंने अपने होटल के कमरे से बाहर देखा कि गिब्स अभी भी वहां है। गिब्स जब सुबह नाश्ते के लिए आए थे, तब भी वो नशे में दिख रहे थे।’

लेकिन हसी ये सोच रहे थे कि एक शीर्ष बल्लेबाज सस्ते मे आउट हो जायेगा जिससे उनके टीम के लिए मैच आसान हो जायेगा..

लेकिन हुआ इसका बिल्कुल उल्टा..

ये मैच वनडे के हाई स्कोरिंग मैच के साथ-साथ गिब्स के शराब के नशे मे खेले गए शानदार पारी के लिए भी जाना जाता है, जो क्रिकेट प्रशंसकों द्वारा कभी नहीं भुलाया जा सकता ।

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