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दुनिया में जबसे सिनेमा की शुरुआत हुयी है तब से लेकर आज तक ग्लैमर और फ़िल्मों का चोली दामन का रिश्ता बना हुआ है। कुछ एक अपवाद को अगर छोड़ दें तो यह बात लगभग हर फ़िल्म पर ही लागू होती है और फिल्मों में ग्लैमर का यह ज़िम्मा फ़िल्म अभिनेत्रियों के नर्म लेकिन मजबूत कंधों पर ही टिका होता है। ऐसा नहीं है कि नायिकाओं का काम सिर्फ ग्लैमर तक ही सीमित होता है बल्कि कभी कभी उनकी ज़िम्मेदारी  तो फ़िल्म के नायक से भी कहीं ज़्यादा हो जाती है, फ़िल्मों में ग्लैमर के अलावा अभिनय और नृत्य में भी उन्हें सामंजस्य बिठा कर चलना होता है और ऐसे में उनका दायित्व और बढ़ जाता है। बात 50 , 60  या 70 के दशक  की हो हर दौर में नायिकाओं की खूबसूरती चर्चा का विषय बनी। खूबसूरत गीतों और रोमांटिक फिल्मों के सुनहरे दौर का वो तालमेल आज भी सभी के दिलों में बसा हुआ है लेकिन 80 के दशक की शुरुआत से आखिर तक आते आते जहाँ एक और फिल्मों का स्वरूप बदला वही दुसरी और नायिकाओं का अन्दाज़ भी बदला बदला सा नज़र आने लगा । मगर नायिकाओं के बदले  से इस रूप में अगर किसी बात की समानता थी तो वो थी ग्लैमर की।

आज हम चर्चा कर रहे 80 के दशक की उन सफल नायिकाओं के बारे में जिन्होने अपने अभिनय और ग्लैमर से सबके दिलों में अपनी जगह बनाई।

सबसे पहले हम बात करेंगे 70 के दशक में बाल कलाकार के रूप में अभिनय की शुरुआत कर 80 के दशक की सफल नायिका बनी अभिनेत्री पदमिनी कोल्हापुरे  की। पदमिनी जी का जन्म 1 नवम्बर 1965 को मुम्बई में एक महाराष्ट्रीयन परिवार में हुआ। फ़िल्म से उन्होने बाल कलाकार से अभिनय की शुरुआत की ।कम लोगों को  जानकारी होगी  कि उन्होंने अपनी बहन शिवांगी कोल्हापुरे के साथ मिलकर फिल्मों में बच्चों के कई गीतों में कोरस भी गाये हैं। हम यहाँ बता दें की शिवांगी कोल्हापुरे अभिनेता शक्ती कपूर की पत्नी और अभिनेत्री श्रद्धा कपूर की माँ हैं। जिन्दगी, साजन बिना सुहागन, सत्यम शिवम सुन्दरम, गहरायी, इन्साफ का तराज़ू जैसी कई सफल फिल्मों में बाल कलाकार की भूमिका करने के बाद पदमिनी ने वर्ष 1981 में फ़िल्म आहिस्ता आहिस्ता में लीड रोल के बतौर नायिका शानदार शुरुआत की और फिर  प्रेम रोग,  प्यार झुकता नहीं, सौतन, प्यार के काबिल, दाता, वो सात दिन, आहिस्ता-आहिस्ता, स्वर्ग से सुंदर, दर्द का रिश्ता और सुहागन, प्रोफेसर की पड़ोसन, फटा पोस्टर निकला हीरो, बचपन एक धोखा जैसी ढेरों फ़िल्मों में यादगार भूमिकाओं को निभाकर सबके दिलों में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहीं। बढ़ती उम्र और पारिवारिक जीवन में व्य्स्तता की वज़ह से बाद में उन्होने फ़िल्मों में अभिनय से एक लम्बा ब्रेक ले लिया। 1999 में उन्होने रॉकफोर्ड नाम की एक फ़िल्म का निर्माण भी किया और वर्ष 2003 में  फ़िल्मो में लम्बे ब्रेक के बाद उनहोंने कुछ मराठी फिल्मो से वापसी की साथ ही पदमिनी मलयालम और और कुछ हिंदी फिल्मों में भी नज़र आईं। वर्ष 2014 में पदमिनी टीवी धारावाहिक एक नई पहचान में भी दिखायी पड़ीं। पदमिनी फिल्मों में काम के आलावा अभिनय का स्कूूूल भी चलाती हैं साथ साथ वो थियेटर से भी जुड़ी हैं। पदमिनी जी का विवाह सन 1986 में हुआ उनके पति का नाम प्रदीप शर्मा है जिन्हे लोग टूट्टू शर्मा के नाम से भी जानते हैं जो कि एक फ़िल्म निर्माता और निर्देशक हैं। दोंनो की एक बेटी हैं जिनका नाम प्रियंका शर्मा है।

Padmini Kolhapure

इसी क्रम में दूसरा नाम आता है 70 के दशक में किशोरावस्था के प्रेम को दर्शाती 1973 में रिलीज़ हुयी सुपरहिट फ़िल्म बॉबी से अभिनय की शुरुआत करने वाली अभिनेत्री डिम्पल कपाड़िया जी की। 8 जुन 1957 को मुंबई में एक गुजराती परिवार में जन्मी डिम्पल कपाड़िया ने  फ़िल्म बॉबी के बाद अपने से 15 साल बड़े सुपर स्टार राजेश खन्ना से शादी कर फिल्मों को अलविदा कर दिया था लेकिन ये शादी सफल नहीं रही तक़रीबन 10 साल बाद ही दोनों में अलगाव की खबरें भी आने लगी और डिम्पल ने फिल्मों में फिर से अभिनय करने का निर्णय लिया उन्होने जख्मी शेर फ़िल्म से शुरुआत की जो कि नहीं चल सकी उसके बाद सुपरहिट फ़िल्म सागर से उनकी फिल्मों में वापसी का दर्शकों ने दिल खोल के स्वागत किया। सागर की सफलता के बाद उनके पास फिल्मों का अम्बार लग गया और अपने दमदार अभिनय और सफल फिल्मों की बदौलत उन्होने उस दौर की शीर्षस्थ अभिनेत्रियों में अपना नाम भी अंकित करवा लिया। डिम्पल ने रामलखन, लेकिन, अजूबा, नरसिम्हा, गर्दिश, अल्ला रक्खा, बीस साल बाद, साजिश,इंसाफ,रुदाली ,क्रांतिवीर, फाइंडिंग फैंनी, दिल चाहता है, पटियाला हाउस, लक बाय चांस आदि जैसी एक से बढ़कर एक सफल फ़िल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया। 75 से भी ज़्यादा फ़िल्मो में काम करने वाली डिम्पल एक ऐसी अभिनेत्री हैं जिन्होने हर तरह की फिल्मों में काम किया और अपने अभिनय की छाप हर फ़िल्म में छोड़ी चाहे वो मसाला फ़िल्में हों या कलात्मक फ़िल्में। उम्र के साथ साथ उन्होनें फिल्मों में सहायक और चरित्र भूमिकाओं में भी काम ज़ारी रखा। डिम्पल और राजेश खन्ना से उनकी 2 बेटियाँ हैं ट्विंकल खन्ना और रिन्की खन्ना।
दोनों की शादी हो चुकी है और दोनों ही फ़िल्म अभिनेत्रियां रह चुकी हैं। ट्विंकल खन्ना की शादी अभिनेता अक्षय कुमार से हुयी है डिम्पल कपाड़िया अभी भी चुनिंदा फिल्मों में  नज़र आती रहती हैं।

Dimple Kapadia

अगला नाम हम जिस नायिका का लेने वाले हैं वो उस दौर की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से हैं और वो नाम है अपने वक़्त की बेहद खूबसूरत और ग्लैमरस अभिनेत्री अनिता राज जी का। 13 अगस्त 1962 को मुंबई में जन्मी अनिता राज के पिता जगदीश राज जी भी बेहद चर्चित और व्यस्त अभिनेता हुआ करते थे।  अनिता राज ने 1981 में प्रदर्शित अपनी पहली ही फ़िल्म प्रेमगीत से अपनी एक अलग पहचान बना ली। हर कोई उनकी खूबसूरती और अभिनय का कायल हो गया। पहली फ़िल्म के बाद ही उनके पास फिल्मो की लाईन लग गयी। मेहंदी रंग लायेगी, प्रेम तपस्या,  नौकर बीवी का, अच्छा बुरा, मास्टरजी, जमीन आसमान, लाखों की बात, अब आयेगा मज़ा, गुलामी, काला धन्धा गोरे लोग, इंसानियत के दुश्मन, सत्यमेव जयते, आसमान से ऊंचा, क्लर्क जैसी एक से बढ़कर एक फिल्मों में उन्होने काम किया और दर्शकों के दिल पे एक गहरी छाप छोड़ी जो आज तक कायम है। फिल्मों में अभिनय के बाद उन्होने एक लम्बा ब्रेक लिया और अपने पारिवारिक जीवन में व्यस्त हो गयी। वर्ष 1998 में उन्होने टीवी धारावाहिक आशिक़ी से अभिनय में वापसी की। वर्ष 1993 में उनका विवाह निर्देेेेशक सुनील हिन्गोरानी से हुआ जिनसे उनका एक बेटा है और बेटे का नाम है शिवम हिन्गोरानी। अनिता आज भी टीवी धारावाहिकों मेंं व्यस्त है।

Anita Raj

अगली सफल और सबकी पसंदीदा अभिनेत्री हैं रति अग्निहोत्री। दक्षिण की फिल्मों से आयी रति जी का जन्म 10 दिसंबर 1960 को उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में हुआ था। वर्ष 1981 में उन्होने फ़िल्म एक दूजे के लिये से हिंदी फिल्मों में दमदार शुरुआत की और रातों रात हिंदी फिल्मों के दर्शकों की चाहती नायिका बन गयीं। इस फ़िल्म की कामयाबी के बाद उन्होने शौकीन, स्वामी दादा, संबंध, अय्यास, शुभकामना, रिश्ता कागज़ का, पसंद अपनी अपनी, मज़दूर, कुली, बॉक्सर, मशाल, उल्टा सीधा, भवानी जंक्शन, तवायफ और आपके साथ  जैसी एक से बढ़कर एक फ़िल्में की। रति अग्निहोत्री ने बाद में चरित्र रोल्स लेना शुरु कर दिये और दर्शकों ने उन्हे उस रूप में भी खूब पसंद किया बाद में वो एक दो टीवी शोज़ में भी नज़र आयीं। रति जी का विवाह1985 में अनिल विरवानी से हुआ 30 वर्ष के वैवाहिक जीवन के बाद 2015 में दोनों का तलाक हो गया। उनका एक बेटा है जिनका नाम तनुज विरवानी है।

Rati Agnihotri

बात जब 80 के दशक की नायिकाओं की होगी तो भला पूनम ढिल्लो जी का नाम कोई कैसे भूल सकता है। वर्ष 1977 में मिस इंडिया बनी पूनम ढिल्लो जी का जन्म 18 अप्रैल 1962 को उत्तर प्रदेश के कानपूर शहर में हूआ था। वर्ष 1978  में फ़िल्म त्रिशूल से उन्होने अपने फिल्मी जीवन की शुरुआत की। अभिनय में कोई रुचि ना होने के बावजूद पहली ही फ़िल्म से उनके मासूमियत और ताज़गी से भरे सौंदर्य का हर कोई दीवाना हो गया। उसके बाद नूरी, काला पत्थर, रेड रोज़, पूनम, दर्द, बसेरा, ये वादा रहा, तेरी कसम, सवाल, निशान, सोहनी महिवाल, लैला, तेरी मेहरनियां, तवायफ, गिरफ्तार, समुन्दर, पाले खान, नाम एक चादर मैली सी, आवाम, बंटवारा और करमा जैसी ढेरों यादगार फिल्मों में अपने अभिनय और अपनी खूबसूरती का जादू बिखेरती पूनम उस दौर की सफल अभिनेत्रियों में से एक हो गयीं। फिल्मों में काम के बाद उन्होने कई टीवी धारावाहिकों में भी काम किया जिनमें से अन्दाज़, किट्टी पार्टी, एक नई पहचान, संतोषी माँ, प्रतिज्ञा के अलावा बिग बॉस सीज़न 3  प्रमुख हैं। सन 1988 में उन्होने अशोक ठाकरिया जी से विवाह कर लिया। उनके 2 बच्चे हैं। पूनम जी आज भी टीवी और फिल्मों में सक्रिय हैं।

Poonam Dhillon

एक और अभिनेत्री जिन्हें बड़े पैमाने पे लांच किया गया, पहली ही फ़िल्म से वो भी दर्शकों के दिल में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहीं और उस अभिनेत्री का नाम है अमृता सिंह। 9 फरवरी 1958 को पकिस्तान के हादाली में जन्मी अमृता सिंह ने वर्ष 1983 में फ़िल्म बेताब से अभिनेता सनी देओल के साथ अपने फिल्मी कैरियर की शुरुआत की जो सफल भी रही। अमृता सिंह ने सनी, दुनिया, साहेब, मर्द, मेरा धरम, चमेली की शादी, काला धन्धा गोरे लोग, नाम, खुदगर्ज़, ठिकाना, मुल्ज़िम, कब्ज़ा, तमाचा, वारिस, चरणों की सौगन्ध इलाका और बंटवारा जैसी ढेरों रोमांटिंक कॉमेडी और ऐक्शन फिल्मों में अपने अभिनय का लोहा मनवाया और उस दौर की सफल नायिका में उनका नाम भी शुमार हो गया। उम्र के साथ साथ उन्होने गम्भीर और चरित्र भुमिकाएं निभानी भी शुरु कर दी जिसे दर्शकों ने भी खूब पसंद किया। वर्ष 1991 में उन्होने अपने से 12 वर्ष छोटे अभिनेता सैफ अली खान से विवाह कर लिया मशहूर अभिनेत्री शर्मिला टैगोर और क्रिकेटर नवाब पटौदी जी के पुत्र सैफ उस वक़्त नये नये फिल्मों में आये थे और अपनी जगह बनाने के लिये संघर्षरत थे।13 साल चली इस शादी से सैफ और अमृता के दो बच्चे हुये  बेटी सारा अली खान की फिल्मों में अच्छी शुरुआत हो चुकी हैं और बेटे इब्राहिम भी फिल्मों में आने के लिये पूरी तरह से तैयारी कर चुके हैं। वर्ष में अमृता का सैफ सड़ अलगाव हो गया। अमृता आज भी अभिनय के क्षेत्र में सक्रिय हैं टीवी धारावाहिक काव्यान्जली के साथ साथ वो नये दौर की कई फिल्मों में भी नज़र आ चुकी हैं।

Amrita Singh

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