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स्टीव बकनर: क्रिकेट इतिहास का सबसे बेईमान अंपायर

दोस्तों कहते हैं निर्णय के समय में ही आपके भाग्य का निर्धारण होता है , और ऐसे में यदि आपका निर्णय किसी दूसरों के हाथों पर निर्भर हो तो आपका भाग्य खुद ब खुद आपकी हस्त रेखाओं से स्वतंत्र हो जाता है। इस कथन के परिपेक्ष में  बात  अगर हम क्रिकेट की करें तो  यह अपनी सार्थकता स्वतः  ही सिद्ध कर देता है। नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है अनुराग सूर्यवंशी और आज की इस वीडियो में हम बात करेंगे क्रिकेट जगत के एक ऐसे अंपायर की जिसके गलत निर्णयो की वजह से कई खिलाड़ियों का भाग्य उनकी भाग्य लकीरों से  मिट गया। जी हां दोस्तों आज हम आपसे बात करने जा रहे हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत के उस अंपायर की जिसे विश्व के सबसे बेईमान अंपायर के तमगे से कई मुल्कों ने नवाजा।

दोस्तों कहते हैं निर्णय के समय में ही आपके भाग्य का निर्धारण होता है , और ऐसे में यदि आपका निर्णय किसी दूसरों के हाथों पर निर्भर हो तो आपका भाग्य खुद ब खुद आपकी हस्त रेखाओं से स्वतंत्र हो जाता है। इस कथन के परिपेक्ष में  बात  अगर हम क्रिकेट की करें तो  यह अपनी सार्थकता स्वतः  ही सिद्ध कर देता है। नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है अनुराग सूर्यवंशी और आज की इस वीडियो में हम बात करेंगे क्रिकेट जगत के एक ऐसे अंपायर की जिसके गलत निर्णयो की वजह से कई खिलाड़ियों का भाग्य उनकी भाग्य लकीरों से  मिट गया। जी हां दोस्तों आज हम आपसे बात करने जा रहे हैं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत के उस अंपायर की जिसे विश्व के सबसे बेईमान अंपायर के तमगे से कई मुल्कों ने नवाजा।

हम बात कर रहे हैं स्टीव बकनर की। यूं तो इस अंपायर का नाम सुनते ही भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के सामने बेईमानी की जीती जागती तस्वीर सामने आ जाती है, मगर स्टीव बकनर की अंपायरिंग से भारत ही नहीं परंतु समूचे विश्व क्रिकेट को भारी कीमत चुकानी पड़ी और शायद इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में 24 नवंबर साल 2009 में   “ डिसीजन रिव्यू सिस्टम” को introduce करना पड़ा।

Steve Bucknor

 दोस्तों स्टीव बकनर का जन्म 31 मई 1946 को

 Montego Bay Jamaica मे हुआ। बचपन में  बकनर फुटबॉल में खासी दिलचस्पी रखते थे, लेकिन अपना करियर फुटबॉल में ना बना पाने के कारण उन्होंने क्रिकेट अंपायरिंग की राहों को चुन

 लिया, आपको बता दें कि  स्टीव बकनर  ने अपने अंपायरिंग करियर में 128 टेस्ट मैच और 181 एकदिवसीय मैचों में अंपायरिंग का प्रतिनिधित्व किया लेकिन इसके बावजूद स्टीव बकनर अपने अंपायरिंग करियर में अपने गलत निर्णयों और अपने बेईमानी वाले रवैये से  सुर्खियों में रहे। आज हम आपके सामने स्टीव बकनर के कुछ ऐसे गलत अंपायरिंग निर्णयों को रखेंगे जिनके कारण उस दौर में बकनर की अंपायरिंग पर खुलकर निशाने साधे गए थे।

 बकनर द्वारा दिए गए सबसे खराब अंपायरिंग निर्णयों में पहले नंबर पर शुमार होता है साल 2003 में सचिन तेंदुलकर को ब्रिसबेन में दिया गया, गलत एलबीडब्ल्यू आउट। दरअसल उस मैच में गेंदबाजी ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज जेसन गिलस्पी कर रहे थे, और उनकी अधिक बाउंस वाली गेंद को छोड़ते हुए सचिन ने अपना बल्ला पीछे किया और गेंद पैड के काफी ऊपर लगते हुए कीपर के पास गई, इस घटना के बाद जब ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों द्वारा अपील की गई तो स्टीव बकनर ने सचिन को आउट दे दिया। इस दृश्य को देखते हुए सचिन भी भौंचक्के रह गए थे।

 स्टीव बकनर के घटिया अंपायरिंग निर्णयों में दूसरा मामला शुमार होता है साल 2000 के इंग्लैंड बनाम पाकिस्तान फैसलाबाद टेस्ट मैच का। जहां पर स्टीव बकनर ने पाकिस्तान के सकलेन मुश्ताक की गेंद पर इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन को एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया था, जबकि बाॅल हुसैन के बल्ले के बीच में लगने के बाद पैड पर लगी थी। नासिर हुसैन इस गलत अंपायरिंग से इतने आश्चर्यचकित थे,कि वे कुछ समय  क्रीज पर खड़े यह समझ नहीं पा रहे थे कि उन्हें आउट किस बात पर दे दिया गया है।

 अब इस फेहरिस्त में स्टीव बकनर का अगला गलत निर्णय साल 2008 के भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया एडिलेड टेस्ट मैच का जुड़ता है जब बकनर ने राहुल द्रविड़ को caught behind आउट दे दिया था, जबकि बाॅल तो द्रविड़ के बैट के आसपास भी नहीं थी।

Steve Bucknor

स्टीव बकनर का अगला गलत निर्णय साल 2007-08 की उस बॉर्डर गावस्कर सीरीज से जुड़ता है, जिसमें खिलाड़ियों के आपसी समझ के अभाव में मंकी गेट जैसे बड़े विवाद ने जन्म लिया था। दरअसल इशांत शर्मा की गेंद पर एंड्रयू सायमंड्स का edge लगा और महेंद्र सिंह धोनी ने बाॅल को कैच करते हुए आउट की अपील की। लेकिन इतने मोटे edge के लगने के बाद भी बकनर पर कोई असर नहीं पड़ा, और उन्होंने सायमंड्स को नॉट आउट दे दिया । लेकिन बाद में जब रीप्ले में Ultra Edge को दिखाया गया, तो बल्ले का एक मोटा बाहरी किनारा बाॅल को लगा था।

 अब इस सूची में बकनर का अंतिम बेईमानी भरा निर्णय जुड़ता है साल 2005 के भारत बनाम पाकिस्तान कोलकाता टेस्ट मैच का, जब स्टीव बकनर ने अब्दुल रज्जाक की गेंद पर सचिन तेंदुलकर को Caught behind दे दिया था।

 सचिन के साथ-साथ कीपर कामरान अकमल को भी पता था कि बॉल बैट से काफी दूर से निकली है इसी के चलते कामरान अकमल ने अपील भी नहीं की, लेकिन कीपर की अपील ना करने के बावजूद भी स्टीव बकनर ने सचिन तेंदुलकर को आउट दे दिया था।

और

शायद ऐसे ही कुछ खराब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट डिसीज़नो की वजह से स्टीव बकनर ने एक पक्षपाती और बेईमान अंपायर की ख्याति अपने करियर में अर्जित कर रखी थी।

Steve Bucknor with Sachin Tendulkar

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