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अजीबोगरीब बोलिंग एक्शन के लिए जाने जाते हैं ये गेंदबाज़

क्रिकेट को  जेंटलमेन के साथ साथ  एक स्टाइलिश खेल भी माना जाता है | जिसमे बल्लेबाज से लेकर गेंदबाज तक,  सभी का अपना एक अलग ही अंदाज होता  हैँ |

इसमें अधिकतर खिलाड़ी अपने अटूट रिकॉर्ड को लेकर क्रिकेट जगत में दबदबा कायम करने की कोशिश करते  हैँ |  तो वहीं कुछ खिलाड़ियों  के  अजीब एक्शन ही उनकी पहचान बन जाते हैं.  जैसे चारों दिशाओ में गगनचुम्बी शॉट खेलने वाले ए. बी डिविलियर्स, क्रिकेट  प्रशंसकों के लिए   mr. 360 बन गये हैँ |और अपने एक्शन को लेकर क्रिकेट का जो खास वर्ग अब तक  सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा वो है चाइना गेंदबाज|  इनके गेंदबाजी  एक्शन होते भी इतने कमाल के हैं  जिससे  सामने खड़ा बल्लेबाज आसानी से चकमा खा जाता है |

तो आइये आज नारद टीवी इन्ही चाइना मैन गेंदबाजों मे से उन पाँच ऐसे खिलाडियों   की बात करेगा  अपने बेहद अजीबो -गरीब बोलिंग एक्शन को लेकर या तो विवादित रहें या खूब सुर्खियां बटोरी

उन खिलाड़ियों बारे में  बात करने से पहले हम आपको बता दे कि चाइना मैन गेंदबाज कहा किन्हें जाता हैं |

वैसे तो आप में से बहुत से दर्शकों को पहले  से  ही पता होगा लेकिन यहाँ इसका उल्लेख करने से सहजता होगी | चाइना मैंन गेंदबाज,  गेंदबाजी की कोई विशेष  दर्जा नहीं हैं बल्कि एक बॉलिंग तकनीक  है.चाइना मैंन गेंदबाज बाएँ हाथ के स्पिनर ही होते हैँ फर्क सिर्फ इतना है कि ये

गेंदबाज, गेंद को स्विंग करने के लिए  उँगलियों के बजाय अपने कलाइयों का प्रयोग करते हैँ |चाइना मैंन शब्द का सबसे पहले प्रयोग वेस्टइंडीज के बाएँ हाथ के गेंदबाज “एलिस अशोंग ” के लिए किया गया था  |

नारद टीवी के इस लिस्ट का  पहला  नाम सबसे ज्यादा  अहम है| क्योंकि ये नाम सिर्फ किसी चाइनामैन गेंदबाज का ही  नहीं बल्कि इस तकनीक का सबसे पहले प्रयोग करने वाले लेफ्ट आर्म स्पिन्नर   का हैं |

1933 में इंग्लैंड के old  trafford मैदान में,  इंग्लैंड के खिलाफ वेस्टइंडीज के एलिस अशोंग ने एक ऐसी गेंद का प्रयोग किया, जिसमे गेंद को टर्न कराने के लिए उँगलियों के बजाय कलाइयों का प्रयोग किया गया था | जिसका  नतीजा,  इंग्लिश बैटमैन वेल्टर रॉबिन्स के  विकेट  के रूप में रहा  | जिसके बाद क्रिकेट दर्शक ही नहीं सभी खिलाड़ी भी हैरान हो गए .

क्योंकि एलिस  के इस गेंद पर  बहुत ज्यादा टर्न देखने को मिली | अब आपके मन में  यह सवाल लाजिमी हैं कि  इस गेंदबाजी तकनीक को  चाइनामैन नाम कैसे मिला | दरअसल में,  एलिस एक चीनी मूल के वेस्ट इंडीज खिलाड़ी थे | और जब अम्पायर द्वारा वेल्टर रॉबिन्स को आउट करार दिया गया तो वो पवेलियन लौटते समय अंपायर से ये कहा कि

 ” Fancy being done by a bloody chinaman ”  बस तभी से ही  लेफ्ट  लेग स्पिनर  को चाइनामैन गेंदबाज कहा जाने लगा |

इस लिस्ट में जो दूसरे  नाम हैँ वो हैँ

पॉल एडम्स का 90 के दशक के इस  साऊथ अफ्रीकन गेंदबाज का गेंदबाजी एक्शन काफी कमाल का था | उनके इसी अजीबो गरीब  गेंदबाजी एक्शन की वजह से इन्हे  “frog in the blender ” भी कहा जाता था |  1995 में इंग्लैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के कप्तान हैंसी क्रोनिए ने 18 वर्षीय चाइना मैंन  पॉल एडम्स को प्लेइंग 11 में खिलाकर एक अनोखा प्रयोग किया, और  एडम्स ने यहां 8 विकेट अपने नाम करके कप्तान के फैसले को सही साबित किया | पॉल एडम्स ने दक्षिण अफ्रीका के लिए खेले  गये कुल 45 टेस्ट मैचों  134 विकेट हासिल किए वहीं  24 वनडे में भी उन्होंने 29 विकेट निकाले. बावजूद  उनका क्रिकेट करियर बहुत लंबा नहीं चल पाया | पॉल एडम्स अपने एक्शन की वजह से साउथ अफ्रीका के एक मात्र   मिस्ट्री बॉलर माने जाते थे|

इस लिस्ट में  अगला  नाम केविन कोथिगोडा” का है..

 उनका बॉलिंग एक्शन चाइना मैंन पॉल एडम्स से मिलता जुलता लेकिन उनसे भी बेहद मुश्किल हैं | इस श्री लंकन गेंदबाज ने अबुधाबी T-20 लीग मे वाटसन के सामने, अपने  इस अनोखे और उलझाऊ गेंदबाजी  से सभी क्रिकेट प्रशंसकों को चाइना मैंन गेंदबाज पॉल एडम्स की याद दिला दी | उस समय ये इतना  चर्चित रहा कि केविन के साथ पॉल एडम्स भी काफ़ी  सुर्खियों में आ गये थे | हालांकि इनके गेंदबाजी  एक्शन पर लोगों द्वारा काफी सवाल भी उठाये गये | लेकिन जाँच में इनका ये एक्शन गेंदबाजी के सभी मानकों पर खरा उतरा | उनके कोच धमिका सुदर्शन ने बताया कि शुरु में केविन को सही लाइन और लेंथ नहीं मिल पाती थी क्योंकि वो गेंद ड़ालते समय पिच को अच्छे से नहीं देख पाते थे और अब उन्हें इस अलग बॉलिंग एक्शन से खासा फायदा मिला | 21 वर्षीय ये युवा गेंदबाज जल्द ही श्री लंका क्रिकेट टीम मे डेब्यू कर सकता है  |

अब बात करें लिस्ट के अगले नाम की तो ये नाम ऑस्ट्रेलिया के महानतम चाइना मैंन गेंदबाज “ब्रेड हॉग ” का हैँ | ऑस्ट्रेलिया टीम के इस नियमित गेंदबाज का जहाँ शानदार करियर रहा. वहीं उनकी गेंदबाजी का  अंदाज भी उन्हें सबसे अलग बनाता है| इनकी धीमी स्पिन्न गेंद एक रहस्य जैसी  ही हुआ करता थी | जिस कारण बल्लेबाजों को इनकी गेंद को भाँपना टेढ़ी खीर जान पड़ता था  |

ये 2003 और 2007 की विश्व कप विजेता ऑस्ट्रेलिया टीम का हिस्सा भी  रहें | ब्रेड हॉग ने अपने कुल 123 एकदिवसीय मैच मे 156 विकेट अपने नाम किये | जिसमे इनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 32 रन पर पांच विकेट  वेस्टइंडीज के खिलाफ हैँऑस्ट्रेलिया का ये जादुई चाइनामैन गेंदबाज ipl के शुरुआती सीजन मे भी कोलकाता नाइटराइडर्स टीम मे भी नजर आ चुका है| ब्रेड हॉग उन चुनिंदा चाइना मैंन गेंदबाजों मे हैँ जिनका अंतराष्ट्रीय करियर इतना शानदार रहा है | और आज के समय मे तो ये किसी प्रेरक से कम नहीं हैँ |

इस लिस्ट में जो आखिरी  नाम हैँ वो भारत के ही चाइना मैंन गेंदबाज शिविल कौशिक हैँ |

जिन्हें आप सभी दर्शक अच्छे से जानते भी हैं  | वैसे तो भारतीय क्रिकेट के पहले चाइना मैंन गेंदबाज कुलदीप यादव हैँ | लेकिन सिविल कौशिक की अनूठी गेंदबाजी एक्शन उन्हें इस लिस्ट में शामिल करती है|  2017 के ipl में ये   गेंदबाज  अपने अजीब एक्शन के कारण ही दर्शकों के खासा नजर में रहा  | इनकी एक्शन तो कुछ हद तक पॉल एडम्स से मिलती जुलती है  लेकिन एडम्स की तरह कोई विशेष  उछाल देखने को नहीं मिलता | शिविल ने ipl 2016-17 में गुजरात लायन के तरफ से खेला |   जिसमे  इन्हें 7 मैचों में ही मौका मिला जिसमे इनका बेस्ट किंग्स 11 पंजाब के खिलाफ 20 रन पर 3 विकेट रहा | सीमित मैच खेलने पर भी ये चाइना मैंन गेंदबाज अपने अलग अंदाज के लिए  आज भी क्रिकेट प्रसंशको के चर्चाओं में शामिल किया जाता हैँ | फिलहाल ये अभी भी घऱेलू टूर्नामेंट में खेलते नज़र आते हैं|

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